रमज़ान सिर्फ़ भूखे-प्यासे रहने का महीना नहीं है, बल्कि यह इंसान की रूह, आदतों और अल्लाह से रिश्ते को बदल देने वाली पूरी तर्बियत (ट्रेनिंग) है। इस मुबारक महीने में रोज़ा, क़ुरआन, सदक़ा — सबकी अहमियत है, लेकिन नमाज़ (सलाह) का दर्जा सबसे बुलंद है। अगर रोज़ा ढाल है, तो नमाज़ इस्लाम का स्तंभ (पिलर) […]
Monthly Archives: फ़रवरी 2026
क़ुरआन, हदीस और सहाबा की सुन्नत की रोशनी में रमज़ान रहमत, मग़फ़िरत और बरकतों का महीना है। इस मुबारक महीने में इबादतों के साथ-साथ जो अमल सबसे ज़्यादा चमकता है, वह है सदक़ा (चैरिटी)। रमज़ान का 10वाँ दिन हमें याद दिलाता है कि रोज़ा सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं, बल्कि दिल को नरम करना और अल्लाह […]
क़ुरआन और हदीस की रोशनी में एक विस्तृत अध्ययन रमज़ान मुबारक रहमत, मग़फ़िरत और जहन्नम से निजात का महीना है। इस महीने की सबसे अहम इबादतों में से एक है सलातुत-तरावीह, जो इशा की नमाज़ के बाद अदा की जाती है। सदियों से मुसलमानों के बीच एक सवाल उठता रहा है: तरावीह 8 रकअत पढ़ें […]
प्रस्तावना रमज़ान रहमत, मग़फ़िरत और जहन्नम से निजात का महीना है। इस मुबारक महीने की सबसे बड़ी इबादतों में से एक है तरावीह नमाज़ — जो इशा की नमाज़ के बाद अदा की जाती है। तरावीह सिर्फ़ एक नफ़्ल इबादत नहीं, बल्कि यह क़ुरआन से जुड़ने, गुनाहों की माफ़ी पाने और अल्लाह के क़रीब होने […]
जैसे-जैसे हम रमज़ान के दिन 7 में दाख़िल होते हैं, रोज़ा, नमाज़, तरावीह और इबादत की रूहानियत दिल में बसने लगती है। जिस्म रोज़े का आदी होने लगता है और दिल अल्लाह की याद की तरफ़ ज़्यादा झुक जाता है। यही वह मुक़ाम है जहाँ बंदे को रमज़ान की सबसे बड़ी नेमत — क़ुरआन — […]
ज़क़्क़ूम: क़ुरआन में वर्णित जहन्नम का ख़ौफ़नाक दरख़्त प्रस्तावना आख़िरत (परलोक) के बारे में क़ुरआन शरीफ़ में कई ऐसी भयावह तस्वीरें पेश की गई हैं जो इंसान के दिल को झकझोर देती हैं। उन्हीं में से एक है दरख़्त‑ए‑ज़क़्क़ूम — जहन्नम का वह पेड़ जो नेमत नहीं बल्कि अज़ाब (यातना) का ज़रिया होगा। यह कोई […]
जैसे-जैसे मुबारक दिन नज़दीक आते जा रहे हैं, दिलों में एक खास रूहानी कैफ़ियत पैदा होने लगती है। रमज़ान क़रीब आ रहा है इंशा’अल्लाह, और 16 फ़रवरी हमें याद दिलाता है कि अल्लाह का सबसे बरकतों वाला महीना हमारे दरवाज़े पर दस्तक देने वाला है। यह सिर्फ भूख और प्यास का नाम नहीं, बल्कि रहमत, […]
रमज़ान मुबारक का महीना उम्मत के लिए रहमत, मग़फ़िरत और जहन्नम से निजात का महीना है। यह सिर्फ खाने-पीने से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह इंसान के दिल, दिमाग़ और किरदार को बदलने का महीना है। रमज़ान का हर दिन हमें एक नई रूहानी मंज़िल की तरफ़ ले जाता है। आज रमज़ान के छठे […]
परिचय रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ सुबह से शाम तक भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह इस्लाम की सबसे अनोखी और रूहानी तौर पर इंसान को बदल देने वाली इबादतों में से एक है। इस्लाम के हर स्तंभ में गहरी हिकमत (बुद्धि) है, लेकिन रोज़े की इबादत को एक ख़ास मुक़ाम […]
मुबारक दिन Jumu’ah (जुमुआ) पर Surah Al-Kahf की तिलावत करना नबी-ए-करीम ﷺ की मुहब्बत भरी सुन्नत है। यह अमल सिर्फ़ सवाब का ज़रिया ही नहीं बल्कि रूहानी नूर, फ़ितनों से हिफ़ाज़त और गहरी नसीहतों का ख़ज़ाना भी है। क़ुरआन की 18वीं सूरह, अल-कहफ़, चार अहम सच्ची घटनाओं (वाक़यात) को बयान करती है जो इंसानी ज़िंदगी […]
- 1
- 2










