कुरान - 87:19 सूरह अल-आला हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
صُحُفِ إِبۡرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ

Transliteration: (Suhufi Ibraaheema wa Moosaa)

(अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आला आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
6. (16-19) इन आयतों का भावार्थ यह है कि वास्तव में रोग यह है कि काफ़िरों को सांसारिक स्वार्थ के कारण नबी की बातें अच्छी नहीं लगतीं। जबकि परलोक ही स्थायी है। और यही सभी आदि ग्रंथों की शिक्षा है।

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