कुरान - 77:25 सूरह अल-मुर्सलात हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
أَلَمۡ نَجۡعَلِ ٱلۡأَرۡضَ كِفَاتًا

Transliteration: (Alam naj'alil arda kifaataa)

(अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुर्सलात आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
9. अर्थात जब तक लोग जीवित रहते हैं, तो उसके ऊपर रहते तथा बसते हैं और मरण के पश्चात उसी में चले जाते हैं।

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