कुरान - 68:10 सूरह अल-क़लम हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَلَا تُطِعۡ كُلَّ حَلَّافٖ مَّهِينٍ

Transliteration: (Wa laa tuti' kulla hallaa fim maheen)

(अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़लम आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
3. इन आयतों में किसी विशेष काफ़िर की दशा का वर्णन नहीं, बल्कि काफ़िरों के प्रमुखों के नैतिक पतन तथा कुविचारों और दुराचारों को बताया गया है, जो लोगों को इस्लाम के विरुद्ध उकसा रहे थे। तो फिर क्या इनकी बात मानी जा सकती है?

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