कुरान - 68:27 सूरह अल-क़लम हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
بَلۡ نَحۡنُ مَحۡرُومُونَ

Transliteration: (Bal nahnu mahroomoon)

(अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़लम आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
7. पहले तो सोचा कि राह भूल गए हैं। किंतु फिर देखा कि बाग़ तो उन्हीं का है तो कहा कि यह तो ऐसा उजाड़ हो गया है कि अब कुछ तोड़ने के लिए रह ही नहीं गया है। वास्तव में, यह हमारा दुर्भाग्य है।

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