कुरान - 75:26 सूरह अल-क़ियामह हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

26
كَلَّآ إِذَا بَلَغَتِ ٱلتَّرَاقِيَ

Transliteration: (Kallaaa izaa balaghatit taraaqee)

(अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़ियामह आयत 26 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
9. अर्थात यह विचार सह़ीह़ नहीं कि मौत के पश्चात् सड़-गल जाएँगे और दोबारा जीवित नहीं किए जाएँगे। क्योंकि आत्मा रह जाती है, जो मौत के साथ ही अपने पालनहार की ओर चली जाती है।

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