कुरान - 78:30 सूरह अन्नबा हिंदी अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

30
فَذُوقُواْ فَلَن نَّزِيدَكُمۡ إِلَّا عَذَابًا

Transliteration: (Fa zooqoo falan-nazee dakum ill-laa azaaba (section 1))

(अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन्नबा आयत 30 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)
4. (21-30) इन आयतों में बताया गया है कि जो ह़िसाब की आशा नहीं रखते और हमारी आयतों को नहीं मानते हमने उनकी एक-एक करतूत को गिनकर अपने यहाँ लिख रखा है। और उनकी ख़बर लेने के लिए नरक घात लगाए तैयार है, जहाँ उनके कुकर्मों का भरपूर बदला दिया जाएगा।

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