कुरान - 80:11 सूरह अबस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

11
كَلَّآ إِنَّهَا تَذۡكِرَةٞ

Transliteration: (Kalla innaha tazkirah )

11. हरगिज़ नहीं! बेशक यह (क़ुरआन) केवल एक नसीहत है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अबस आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

क़ुरआनी आयतों का उद्देश्य (Purpose of Quranic Verses)

ये क़ुरआनी आयतें पिछले वादों या भविष्य की घटनाओं की याद दिलाने का काम करती हैं। ये मार्गदर्शन और परामर्श का भी एक साधन होती हैं।

नसीहत का अर्थ (Meaning of Admonition)

  • पिछले या भविष्य की घटनाओं की याद दिलाना (Reminder of past or future events)
  • मार्गदर्शन और परामर्श देना (Guidance and counselling)
  • एकांत में चिंतन करना (Solitude for reflection)

जिस तरह कोई व्यक्ति अपने शुभचिंतक, जैसे डॉक्टर या माता-पिता की सलाह बिना झिझक मान लेता है, उसी तरह अल्लाह का बंदा भी अल्लाह तआला के आदेशों का तुरंत पालन करे।

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