कुरान - 80:1 सूरह अबस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
عَبَسَ وَتَوَلَّىٰٓ

Transliteration: ('Abasa wa tawallaa.)

1.उसने (नबी) त्योरी चढ़ाई और मुँह फेर लिया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अबस आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

गहरी मोहब्बत का इज़हार (Expression of Intense Love)

ग़ायब (तीसरे व्यक्ति) के रूप का इस्तेमाल गहरी मोहब्बत के इज़हार के लिए किया जाता है। इस मामले में, हमारे एक महबूब अपने एक ख़ादिम से नाराज़ हुए। यह समझना ज़रूरी है कि यहाँ कमी हज़रत अब्दुल्लाह बिन उम्मे मक्तूम की तरफ़ से थी, जिन्होंने गुफ़्तगू के दौरान ऐसा सवाल किया जो अदब के तक़ाज़े के मुताबिक़ नहीं था।

नबी-ए-पाक ﷺ का ग़म (The Holy Prophet’s Grief)

नबी-ए-पाक ﷺ का ग़म इन्साफ़ के मुताबिक़ था। इस वजह से आपने हज़रत अब्दुल्लाह बिन उम्मे मक्तूम को अंधा कहा—सिर्फ़ जिस्मानी तौर पर नहीं, बल्कि इस मायने में भी कि वह अदब और एहतराम के तक़ाज़ों से ग़ाफ़िल थे, जो उनकी नबी-ए-पाक ﷺ से शदीद मोहब्बत का नतीजा था।

नबी-ए-पाक ﷺ के मक़ाम की तस्दीक़ (Allah’s Support for the Holy Prophet’s Status)

इस मौके पर अल्लाह तआला ने नबी-ए-पाक ﷺ की मोहब्बत की तस्दीक़ और हिमायत फ़रमाई। यह आप ﷺ के बुलंद मक़ाम की गवाही भी है, जो दिखाती है कि आप ﷺ के सच्चे मुहब्बत करने वालों की ख़ताएं माफ़ कर दी जाती हैं।

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