कुरान - 80:30 सूरह अबस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

30
وَحَدَآئِقَ غُلۡبٗا

Transliteration: (Wa hadaa-iqa ghulba)

30. और घने बाग़। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अबस आयत 30 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

मुफ़्ती अहमद यार खान की इस आयत में कोई टिप्पणी नहीं है

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