कुरान - 2:8 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يَقُولُ ءَامَنَّا بِٱللَّهِ وَبِٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِ وَمَا هُم بِمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Wa minan naasi mainy yaqoolu aamannaa billaahi wa bil yawmil aakhiri wa maa hum bimu'mineen)

और लोगों में से कुछ ऐसे हैं जो कहते हैं कि 'हम अल्लाह पर और आख़िरत के दिन पर ईमान लाए', हालांकि वे मोमिन नहीं हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-बक़रह - आयत 8

✅ मुनाफ़िक़ीन का दोहरा मेअ़यार

मुनाफ़िक़ीन अपनी ज़बानों से तो ईमान का दावा करते थे मगर उनके दिलों में कुफ़्र छुपा हुआ था। अल्लाह ने वाज़ेह फ़रमाया कि महज़ ज़बानी इक़रार मोमिन होने के लिए काफ़ी नहीं जब तक दिल की तस्दीक़ न हो।

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