कुरान - 104:1 सूरह अल-हुमाज़ह अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
وَيۡلٞ لِّكُلِّ هُمَزَةٖ لُّمَزَةٍ

Transliteration: (Wailul-likulli hu mazatil-lumazah)

तबाही और हलाकत है हर तानेबाज़ और पीठ पीछे ऐब लगाने वाले (ग़ीबत करने वाले) के लिए; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हुमाज़ह आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-हुमज़ह - आयत 1

✅ 'वैलुल लि-कुल्लि हुमज़तिल-लुमज़ह'

हुमज़ह और लुमज़ह उन बद-आदत लोगों को कहा जाता है जो लोगों के सामने या पीठ पीछे तानाज़नी करते हैं, ऐब तलाशते हैं, लोगों को ज़लील समझते हैं और अपशब्द व चुग़ली से दूसरों के दिलों को ठेस पहुंचाते हैं।

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