कुरान - 3:132 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

132
وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَٱلرَّسُولَ لَعَلَّكُمۡ تُرۡحَمُونَ

Transliteration: (Wa atee'ul laaha war Rasoola la'allakum turhamoon)

और अल्लाह और रसूल की आज्ञा का पालन करो, ताकि तुम पर रहमत की जाए [282]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 132 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा आल-इ-इमरान – आयत 132 की तफ़्सीर

 

✅ [282] अल्लाह और उसके रसूल की बराबर की आज्ञापालन

यह आयत स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि अल्लाह और उसके रसूल ﷺ की आज्ञा का पालन करना बराबर और अविभाज्य रूप से आवश्यक है। दोनों की आज्ञा मानना अनिवार्य है, और कोई भी व्यक्ति इससे मुक्त नहीं हो सकता यदि वह परहेज़गारी और अल्लाह की रहमत पाना चाहता है। इस आयत से यह भी साबित होता है कि अल्लाह और उसके रसूल ﷺ का संयुक्त उल्लेख इबादत का एक दिव्य आदेश है और यह शिर्क नहीं है। बल्कि, यही इस्लाम का सही रास्ता है, जो क़ुरआन की शिक्षाओं में मज़बूती से जड़ा हुआ है।

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