कुरान - 81:1 सूरह अत-तक्वीर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
إِذَا ٱلشَّمۡسُ كُوِّرَتۡ

Transliteration: (Izash shamsu kuwwirat)

1. जब सूरज लपेट दिया जाएगा [2]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तक्वीर आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

क़ियामत के दिन का वर्णन करने में सूरह अत-तकवीर की अहमियत

रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया, "जो कोई क़ियामत के दिन को आज देखना चाहता है, वह सूरह अत-तकवीर की तिलावत करे।"

इसमें बताया गया है कि सूरज अपनी रोशनी खो देगा, लेकिन इसकी गर्मी बहुत ज़्यादा बढ़ जाएगी।

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