कुरान - 38:72 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
فَإِذَا سَوَّيۡتُهُۥ وَنَفَخۡتُ فِيهِ مِن رُّوحِي فَقَعُواْ لَهُۥ سَٰجِدِينَ

Transliteration: (Fa-iza sawwaituhoo wa nafakhtu feehi mir roohee faqa'oo lahoo saajideen)

फिर जब मैं उसे पूरी तरह बना लूँ और उसमें अपनी रूह फूँक दूँ [125], तो तुम उसके आगे सजदे में गिर पड़ना [126]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 72

"फिर जब मैं उसे पूरी तरह बना लूँ और उसमें अपनी रूह फूँक दूँ [125], तो तुम उसके आगे सजदे में गिर पड़ना [126]!"

[125] नफ़ख़े रूह और फूँकने की असल

हज़रत आदम का जिस्मे मुबारक चालीस साल में तय्यार हुआ, फिर उसमें रूह फूँकी गई। बुज़ुर्गों के दम करने (फूँकने) का शरई सुबूत भी इसी आयत से साबित है।

[126] सजदा-ए-ताज़ीमी

यह सजदा इबादत का नहीं बल्कि अल्लाह के हुक्म से हज़रत आदम की ताज़ीम व इज़्ज़त के लिए था।

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