कुरान - 44:47 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
خُذُوهُ فَٱعۡتِلُوهُ إِلَىٰ سَوَآءِ ٱلۡجَحِيمِ

Transliteration: (Khuzoohu fa'tiloohu ilaa sawaaa'il Jaheem)

(हुक्म होगा) "उसे पकड़ो [48] और घसीटते हुए भड़कती आग के बीचों-बीच धकेल दो [49]"। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 47

"(हुक्म होगा) 'उसे पकड़ो [48] और घसीटते हुए भड़कती आग के बीचों-बीच धकेल दो [49]'।"

[48] काफ़िर की गिरफ़्तारी का हुक्म

यह हुक्म काफ़िर और मुनकिर के बारे में होगा। हिसाब-किताब के मुकम्मल होने के बाद मैदान-ए-महशर में फ़रिश्तों को यह हुक्म दिया जाएगा कि इस मुजरिम को ज़िल्लत के साथ पकड़ लो।

[49] गुनहगार मोमिन और काफ़िर के अज़ाब में फ़र्क़

इससे यह हक़ीक़त मालूम होती है कि अगर कोई गुनहगार मोमिन अपने गुनाहों की सज़ा पाने के लिए दोज़ख़ में जाएगा, तो उसे इस तरह रुसवा करके घसीटा नहीं जाएगा। यह ज़िल्लत, रुसवाई और मुँह के बल घसीटना सिर्फ़ काफ़िरों के लिए मख़सूस सज़ा है।

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