कुरान - 44:50 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

50
إِنَّ هَٰذَا مَا كُنتُم بِهِۦ تَمۡتَرُونَ

Transliteration: (Inna haazaa maa kuntum bihee tamtaroon)

बेशक यह वही चीज़ है जिसमें तुम शक करते थे [51]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 50 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 50

"बेशक यह वही चीज़ है जिसमें तुम शक करते थे [51]।"

[51] ‘शक’ का हक़ीक़ी मफ़हूम

यहाँ ‘शक’ से मुराद इनकार और झगड़ा करना है। यानी तुम क़ियामत और दोज़ख़ के अज़ाब का इनकार करते थे और अहले-ईमान से इस बारे में हुज्जतबाज़ी और झगड़ा करते थे। आज अपनी आँखों से देख लो कि जिस अज़ाब को तुम झुटलाते थे, वह बिल्कुल बरहक़ और सामने मौजूद है।

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