Transliteration: (Wal 'asr )
प्रकाशन की पृष्ठभूमि (Background of Revelation)
यह आयत हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ (رضي الله عنه) के उस जवाब की तारीफ़ में उतरी जो उन्होंने कर्र बिन उमय्या को दिया था। कर्र ने उनसे सवाल किया कि उन्होंने इस्लाम के लिए दौलत और इज़्ज़त क्यों छोड़ दी। कर्र ने कहा कि हज़रत अबू बक्र, जो कभी बहुत कामयाब व्यापारी थे, उन्होंने गरीबों से मोहब्बत को अमीरों की दोस्ती और एक अल्लाह की इबादत को कई देवताओं की पूजा पर तरजीह दी। हज़रत अबू बक्र ने जवाब दिया, "एक नेक मोमिन कभी घाटे में नहीं रहता।"
यह सूरह हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ (رضي الله عنه) के ईमान और उनकी सच्चाई को बयान करती है, जैसा कि तफ्सीर अज़ीजी में बताया गया है।
"असर" का मतलब (The Meaning of "Asr")
असर का मतलब अलग-अलग तरीकों से किया गया है और यह समय के अलग-अलग हिस्सों को बयान करता है। इसे अकसर असर की नमाज़ (मध्यकालीन नमाज़) से जोड़ा जाता है, जिसका बहुत बड़ा महत्व है। कुछ और मफहूम इस तरह से हैं:
सबसे अच्छा मतलब यह है कि "असर" से मुराद हज़रत मुहम्मद (صلى الله عليه وسلم) के दौर का है। यह वक्त तमाम दौरों से ज्यादा बर्कत वाला और मुक़द्दस है। यह वह दौर है जो न सिर्फ उम्मत के लिए बल्कि पुराने नबियों के मानने वालों के लिए भी रहमत और बरकत लाया।
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