Transliteration: (Wa qaalut takhazal laahu waladan subhaanahoo bal lahoo maa fis samaawaati wal ardi kullul lahoo qaanitoon)
📖 सूरह अल-बक़रह – आयत 116 की व्याख्या:
"और उन्होंने (नासारा) कहा, 'अल्लाह ने एक पुत्र लिया है।' वह बहुत ऊपर है! जो कुछ भी आसमानों और ज़मीन में है, सब उसी का है। सब उसी के अधीन हैं [234]"।
✅ [234] अल्लाह के पुत्र होने के दावे का खंडन
नासारा (ईसाई) का दावा था कि अल्लाह ने एक पुत्र लिया है, जिसका इशारा हज़रत ईसा (अस) की ओर था। यह आयत उनके इस झूठे विश्वास को सबसे कड़े शब्दों में खारिज करती है और कहती है: "बहुत ऊपर है वह!" – जिसका मतलब है कि अल्लाह इस तरह के इंसानी जैसे गुणों से पूरी तरह परे और पाक है।
🛑 महत्वपूर्ण स्पष्टता: पुत्र कभी पिता की संपत्ति नहीं हो सकता, क्योंकि वह एक स्वतंत्र और आज़ाद शख्स होता है। यह बात सीधे अल्लाह के मालिकाने के सिद्धांत के खिलाफ़ है, क्योंकि आसमानों और ज़मीन की सारी चीज़ें अल्लाह की हैं। आयत में इस्तेमाल किया गया शब्द "बल" (बल्कि/बहुत ऊपर) इस झूठ को नकारता है और पूर्ण दिव्य मालिकाने की हक़ीकत की ओर मोड़ता है।
📌 इसलिए, कोई भी – जिसमें हज़रत ईसा (अस) भी शामिल हैं – अल्लाह का पुत्र नहीं माना जा सकता, क्योंकि सारी सृष्टि उसी की अधीन है और उसी की है।
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