Transliteration: (Rabbanaa waj'alnaa muslimaini laka wa min zurriyyatinaaa ummatam muslimatal laka wa arinaa manaasikanaa wa tub 'alainaa innaka antat Tawwaabur Raheem)
📖 सूरह अल-बक़रह – आयत 128 का तफ़सीर
"हमारे रब! हमें तेरी इच्छा के आगे झुकने वाला बना दे, और हमारे वंशजों में से [259] ऐसी एक उम्मत पैदा कर जो तेरी आज्ञाकारी हो। हमें हमारे इबादत के रस्म-रिवाज सिखा और हमारी तौबा कुबूल फरमा। निश्चय ही, तू बहुत दयावान, बहुत रहम करने वाला है।"
✅ [259] समर्पण और नेक संतान के लिए दुआ
इस आयत में, हजरत इब्राहीम (अ.स) और हजरत इस्माइल (अ.स) दुआ करते हैं:
📌 यह आयत दर्शाती है:
✅ पैगंबर ﷺ के वंशज और दैवीय हिदायत
हजरत इब्राहीम की इस दुआ के कबूल होने से हमें पता चलता है:
🕊️ यह आयत अहल अल-बैत (पैगंबर ﷺ के घराने) की आध्यात्मिक रैंक और खास स्थान को भी मजबूत करती है, क्योंकि वे इस पैगंम्बरी दुआ की पूर्ति में हैं।
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