कुरान - 2:163 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

163
وَإِلَٰهُكُمۡ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞۖ لَّآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلرَّحۡمَٰنُ ٱلرَّحِيمُ

Transliteration: (Wa ilaahukum illaahunw waahid, laaa ilaaha illaa Huwar Rahmaanur Raheem)

"163. और तुम्हारे खुदा के आगे कोई खुदा नहीं। वही एक खुदा है। उसके सिवा कोई खुदा नहीं। वह सबसे ज्यादा मोहब्बत करने वाला, सबसे ज्यादा रहम करने वाला है।" [343] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 163 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

[343]

  • इस आयत में साफ़ कहा गया है कि अल्लाह ही एकमात्र खुदा है, उसके सिवा कोई दूसरा नहीं।
  • ये तौहीद की सबसे अहम बात है कि हम केवल अल्लाह की ही इबादत करें।
  • अल्लाह के दो नाम — अर-रहमान (सबसे ज्यादा मोहब्बत करने वाला) और अर-रहीम (सबसे ज्यादा रहम करने वाला) — उसकी दया और रहमत के अलग पहलुओं को दर्शाते हैं।
  • अर-रहमान अल्लाह की ऐसी दया है जो सारी दुनिया पर बरसती है।
  • अर-रहीम अल्लाह की ख़ास दया है जो सिर्फ़ उसके मुमिनों पर होती है।

इस आयत से हमें पता चलता है कि अल्लाह की एकता और उसकी रहमत दोनों ही हमारे लिए बहुत ज़रूरी हैं।

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