कुरान - 2:242 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

242
كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمۡ ءَايَٰتِهِۦ لَعَلَّكُمۡ تَعۡقِلُونَ

Transliteration: (Kazaalika yubaiyinul laahu lakum aayaatihee la'allakum ta'qiloon)

इसी तरह अल्लाह तुम्हारे लिए अपनी आयतें खोल-खोलकर बयान फ़रमाता है ताकि तुम अक़्ल से काम लो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 242 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-बक़रह - आयत 242

✅ अहकामे इलाही में हिकमत व अक़्ल

निकाह, तलाक़ और घरेलू ज़िंदगी के अहकाम को अल्लाह ने निहायत वाज़ेह अंदाज़ में बयान किया ताकि इंसान अक़्ल व बसीरत से काम लेकर अपनी ज़िंदगी को संवारे।

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