कुरान - 3:85 सूरह आल-इमरान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

85
وَمَن يَبۡتَغِ غَيۡرَ ٱلۡإِسۡلَٰمِ دِينٗا فَلَن يُقۡبَلَ مِنۡهُ وَهُوَ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ

Transliteration: (Wa mai yabtaghi ghairal Islaami deenan falany yuqbala minhu wa huwa fil Aakhirati minal khaasireen)

और जो शख़्स इस्लाम के सिवा कोई और दीन तलाश करेगा तो वह उससे हरगिज़ क़बूल नहीं किया जाएगा, और वह आख़िरत में नुक़सान उठाने वालों में से होगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह आल-इमरान आयत 85 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह आले इमरान - आयत 85

✅ इस्लाम ही मक़बूल तरीन दीन

हुज़ूर अकरम (सल्ल.) की बेअ़सत के बाद अल्लाह की बारगाह में नजात का वाहिद ज़रिया सिर्फ़ दीने इस्लाम है; इसके सिवा कोई मज़हब क़बूल नहीं होगा।

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