कुरान - 17:41 सूरह अल-इस्रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
وَلَقَدۡ صَرَّفۡنَا فِي هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانِ لِيَذَّكَّرُواْ وَمَا يَزِيدُهُمۡ إِلَّا نُفُورٗا

Transliteration: (Wa laqad sarrafnaa fee haazal Quraani liyazzakkaroo wa maa yazeeduhum illaa nufooraa)

और निश्चय ही हमने इस क़ुरआन में (सत्य को) तरह-तरह से स्पष्ट किया है ताकि वे समझें, परन्तु यह (क़ुरआन) उनकी नफ़रत व दूरी ही को बढ़ाता है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-इस्रा आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-इस्रा – आयत 41 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] दलीलों की बहुलता और काफ़िरों का हठ

अल्लाह ने क़ुरआन में मिसालों, क़िस्सों और तर्कों से तौहीद को समझाया, मगर हठधर्मी लोग अपनी ज़िद के कारण हक़ से और दूर भागते रहे।

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