कुरान - 18:86 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

86
حَتَّىٰٓ إِذَا بَلَغَ مَغۡرِبَ ٱلشَّمۡسِ وَجَدَهَا تَغۡرُبُ فِي عَيۡنٍ حَمِئَةٖ وَوَجَدَ عِندَهَا قَوۡمٗاۖ قُلۡنَا يَٰذَا ٱلۡقَرۡنَيۡنِ إِمَّآ أَن تُعَذِّبَ وَإِمَّآ أَن تَتَّخِذَ فِيهِمۡ حُسۡنٗا

Transliteration: (Hattaaa izaa balagha maghribash shamsi wajadahaaa taghrubu fee 'aynin hami'a tinw wa wajada 'indahaa qawmaa; qulnaa yaa Zal Qarnaini immaaa an tu'az ziba wa immaaa an tattakhiza feehim husnaa)

यहाँ तक कि जब वे सूरज डूबने की जगह (मग़रिब की हद) पहुंचे, तो उन्होंने उसे एक काले कीचड़ वाले चश्मे में डूबता हुआ पाया, और उसके पास एक क़ौम को आबाद पाया; हमने फ़रमाया, 'ऐ ज़ुलक़रनैन! चाहे तो तू उन्हें सज़ा दे या उनके साथ भलाई का सुलूक इख़्तियार कर।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 86 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 86

✅ मग़रिब का अक़्सा साहिल और अदल का इम्तिहान

वे समन्दर (बहर-ए-ओक़्यानूस) के ऐसे साहिल पर पहुंचे जहाँ आगे खुश्की ख़त्म हो चुकी थी और देखने वाले को ऐसा लगता था जैसे सूरज सियाह कीचड़ या गहरे समन्दर में डूब रहा है। वहाँ आबाद काफ़िर क़ौम पर फ़तह हासिल करने के बाद अल्लाह ने ज़ुलक़रनैन को इख़्तियार दिया कि उनके साथ जैसा चाहो मामला करो।

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