कुरान - 83:21 सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
يَشۡهَدُهُ ٱلۡمُقَرَّبُونَ

Transliteration: (Yashhadu hul muqarra boon )

21. जिसे अल्लाह के नज़दीकी[14] बंदे देखेंगे[15]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

🕋 इल्लीयीन के गवाह (Witnesses of Illiyeen) – आयत 83:21 की तफ़सीर (Commentary of Verse 83:21)

📖 "जिसे चुने हुए लोग देखेंगे।"

🌟 चुने हुए लोगों की हाज़िरी (The Presence of the Chosen Ones)

🔹 इस आयत में इल्लीयीन की अज़मत (महानता) को बयान किया गया है कि यह न सिर्फ़ एक बुलंद मक़ाम है, बल्कि इसे इज़्ज़तदार हस्तियाँ देखती और गवाही देती हैं।

🕌 "यश-हदु" (वह देखेगा) का अर्थ दो तरह से लिया जा सकता है:

   🟢 शुहूद (हर वक़्त मौजूद रहना) – यानी फ़रिश्ते हमेशा इल्लीयीन में मौजूद रहते हैं।
   🟢 मुशाहदा (देखना और गवाह बनना) – यानी क़यामत के दिन यह मक़ाम साफ़ तौर पर देखा जाएगा।

🏔️ इल्लीयीन में कौन हाज़िर रहेंगे?

💠 फ़रिश्ते – वे यहाँ इज्ज़त और अदब के साथ हाज़िर रहते हैं, इसकी हिफ़ाज़त करते हैं और इबादत में मसरूफ़ होते हैं।
💠 क़यामत के दिन – फ़रिश्ते अल्लाह की अदालत (Divine Court) में ख़ास एहतराम के साथ खड़े होंगे।
💠 अल्लाह के चुने हुए नेक बंदे – वे इल्लीयीन में लिखे गए नामों को पहचानेंगे और हर मोमिन के दर्जे को जान लेंगे।

✨ "चुने हुए लोग" कौन हैं?

📜 वो फ़रिश्ते – जो हमेशा अल्लाह की इबादत में रहते हैं।
📜 वो नेक लोग – जिन्हें अल्लाह का क़रीब होने का शरफ़ मिला और जो जन्नत व जहन्नम के अहल (अधिवासी) को पहचानते हैं।
📜 कुछ रुहें – तफ़सीर अज़ीजी के मुताबिक़, कुछ पाक रुहें इल्लीयीन में, कुछ ज़मज़म में और कुछ आसमान और ज़मीन के दरमियान मौजूद रहती हैं।

🔹 यह आयत बताती है कि जिनका रिकॉर्ड इल्लीयीन में दर्ज है, वे बहुत बड़े मक़ाम के मालिक हैं, और उन्हें सबसे इज़्ज़तदार हस्तियाँ देखती और गवाही देती हैं।

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