कुरान - 83:36 सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
هَلۡ ثُوِّبَ ٱلۡكُفَّارُ مَا كَانُواْ يَفۡعَلُونَ

Transliteration: (Hal suwwibal kuffaaru maa kaanoo yaf'aloon )

36. क्या काफ़िरों को उनके कर्मों की पूरी सज़ा दी गई? [25] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

✨ अल्लाह का इंसाफ़ (The Justice of Allah)

"क्या कुफ़्फ़ार को उनके आमाल का पूरा बदला नहीं दिया गया?" (सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन 83:36)

🔹 क़यामत के दिन मुकम्मल इंसाफ़ (Absolute Justice on the Day of Judgment)

इस आयत में यह बयान किया गया है कि कुफ़्फ़ार अपने आमाल का पूरा अंजाम पाएंगे। उनसे पूछा जाएगा:

🔹 क्या तुम्हें तुम्हारे आमाल का पूरा बदला मिल गया?
🔹 क्या अब तुम्हें अपनी तकब्बुर (घमंड) और कुफ़्र का अंजाम नज़र आ रहा है?

🔸 इस आयत से मिलने वाले अहम सबक़

🟢 आख़िरत में कोई ज़ुल्म नहीं होगा

🔹 कुफ़्फ़ार पर नाइंसाफ़ी नहीं होगी, बल्कि उन्हें वही सज़ा दी जाएगी, जिसके वे हक़दार होंगे।
🔹 जो गुनाह उन्होंने किए, वही उनकी तबाही का सबब बनेंगे।

🟢 हर अमल का अंजाम होता है

🔹 उन्होंने दुनिया में ईमान वालों का मज़ाक़ उड़ाया, उन्हें सताया, अब वही अमल उनके लिए सख़्त अज़ाब बन चुके हैं।

🟢 हिसाब से पहले ही बदला दिखाया जाएगा

🔹 उनके मुकम्मल हिसाब-किताब से पहले ही उन्हें उनके ग़लत काम याद दिलाए जाएंगे और उनके अज़ाब को दिखाया जाएगा।

🔸 नतीजा

यह आयत अल्लाह के मुकम्मल इंसाफ़ को बयान करती है कि किसी पर ज़ुल्म नहीं होगा, हर शख़्स को उसी के आमाल का बदला मिलेगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now