कुरान - 83:35 सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
عَلَى ٱلۡأَرَآئِكِ يَنظُرُونَ

Transliteration: ('Alal araaa'iki yanzuroon )

35. मसहरीयों (तख़्तों) [24] पर बैठे देख रहे होंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

✨ ईमान वालों का कुफ़्फ़ार को देखना (Believers Watching the Disbelievers)

"जबकि वे आराम से मसनदों (सोफों) पर बैठे देख रहे होंगे।" (सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन 83:35)

🔹 आख़िरत में मुक़द्दर का उलट जाना (Reversal of Fate in the Hereafter)

इस आयत में बताया गया है कि दुनिया में जिन ईमान वालों का मज़ाक़ उड़ाया गया, आख़िरत में वे इज़्ज़त से जन्नत में होंगे, जबकि कुफ़्फ़ार रुसवाई और अज़ाब में होंगे।

🔸 इस आयत से मिलने वाले दो अहम सबक़

🟢 जहन्नमी लोगों से हमदर्दी नहीं होगी

🔹 जन्नत में मौजूद ईमान वालों को उनके जहन्नमी रिश्तेदारों या दोस्तों के अज़ाब पर कोई अफ़सोस नहीं होगा।
🔹 एक मोमिन बाप भी अपने काफ़िर बेटे की सज़ा पर ग़म नहीं करेगा, बल्कि अल्लाह के इंसाफ़ पर ख़ुश होगा।

🟢 जन्नत में असीमित नज़र (Unlimited Vision in Paradise)

🔹 जन्नत सात आसमानों के ऊपर और जहन्नम ज़मीन से लाखों मील नीचे होगी, लेकिन फिर भी मोमिन जहन्नमियों को देख सकेंगे।
🔹 जब जन्नती लोग जहन्नम का हाल देख सकते हैं, तो इस बात में कोई हैरत नहीं कि नबी ﷺ गुम्बद-ए-ख़ज़रा से पूरी दुनिया को देख सकते हैं।

🔸 नतीजा

यह आयत अल्लाह के मुकम्मल इंसाफ़ और आख़िरत में ईमान वालों के एहतराम को साबित करती है।

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