Transliteration: ('Ainaiy yashrabu bihal muqarraboon)
"एक चश्मा जिससे चुने हुए लोग पिएंगे।"
🔹 जन्नत के आम रहने वालों को शराबन तहोरा और रहीक मख़तूम दिया जाएगा, जिसमें तसनीम की कुछ बूंदें मिलाई जाएंगी ताकि उसकी ख़ुशबू और लज़्ज़त बढ़ जाए।
🔹 लेकिन अल्लाह के ख़ास बंदे इस पाकीज़ा पेय को बिना किसी मिलावट के, अपनी असली शक्ल में पीने की नेमत पाएंगे।
🔹 उनके जन्नती महलों में तसनीम के चश्मे (झरने) होंगे, जिनसे बे-मिसाल लज़्ज़त और ख़ुशबू वाला पानी बहता रहेगा।
🔹 इस पेय की असली हक़ीक़त इंसानी दिमाग़ में नहीं आ सकती। यह एक ऐसी नेमत है, जिसकी लज़्ज़त और असर को बस वही समझ सकते हैं, जिन्हें जन्नत में इसे पीने का मौक़ा मिलेगा।
🔹 अल्लाह हमें तसनीम के चश्मे से पीने की इज़्ज़त अता करे! 🤲
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