कुरान - 114:3 सूरह अन-नास अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

3
إِلَٰهِ ٱلنَّاسِ

Transliteration: (Ilaahin naas)

इंसानों का माबूद (ख़ुदा) [4]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नास आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

✅ [4] अल्लाह – इंसानियत का एकमात्र पैदा करने वाला और पालने वाला

इस वाक्य से यह स्पष्ट किया गया है कि अल्लाह तआला ही इंसानियत का अकेला पैदा करने वाला और पालनहार (माबूद) है।
"इंसानों का माबूद" कहने का मतलब यह है कि इंसान का वजूद और उसकी भलाई पूरी तरह अल्लाह के हाथ में है।

वह ही है जो हर दौर, हर जगह, और हर हालत में इंसान की रहनुमाई और हिफाज़त करता है।
जब इंसान किसी परेशानी या रूहानी उलझन में फँसता है, तो वह बेइख्तियार अल्लाह की तरफ़ लौटता है, क्योंकि वही आख़िरी और सच्चा सुकून देने वाला ज़रिया है।

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