Transliteration: (Minal jinnati wannaas (End Juz 30) )
शैतान इंसानों के दिलों में बुरे ख्याल डालता है, और वह यह काम जिन्नों के ज़रिये भी करता है और इंसानों के ज़रिये भी।
अक्सर कुछ पूरी तरह गुमराह लोग, भलाई का लिबास पहनकर तुम्हारे पास आते हैं। अगर तुम उनकी एक बात भी ध्यान से सुन लो, तो वे तुम्हारे दिल में और गहराई तक असर डालने की कोशिश करते हैं।
लेकिन अगर तुम शुरुआत से ही ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखो, तो वे खुद-ब-खुद दूर हो जाते हैं।
ऐसे लोगों की मौजूदगी को हल्के में मत लो, क्योंकि ईमान के ख़ज़ाने चुराने वाले बहुत से चोर होते हैं।
रसूलअल्लाह ﷺ हर रात सोने से पहले दोनों सुरहें — सुरह फ़लक और सुरह नास पढ़ा करते थे।
फिर अपने मुबारक हाथों पर फूँकते, और पूरे जिस्म पर मलते।
हर मुसलमान को चाहिए कि वह इस पाक सुन्नत को अपनाए, ताकि वह अपने ईमान, जिस्म और रूहानी हिफाज़त हासिल कर सके।
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