Transliteration: (Rabbul mashriqayni wa Rabbul maghribayn)
"दोनों पूरबों का रब और दोनों पच्छिमों का रब [17]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दो पूरब और दो पच्छिम से मुराद सूरज के तुलूअ व ग़ुरूब होने के मौसम-ए-गर्मी और मौसम-ए-सर्दी के इंतिहाई मुक़ामात हैं। सूरज अपने मुअय्यन दायरे और बुर्जों में गर्दिश करता है जो अल्लाह के मुकम्मल निज़ाम और रूबूबियत का सुबूत है।
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