कुरान - 55:17 सूरह अर-रहमान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

17
رَبُّ ٱلۡمَشۡرِقَيۡنِ وَرَبُّ ٱلۡمَغۡرِبَيۡنِ

Transliteration: (Rabbul mashriqayni wa Rabbul maghribayn)

दोनों पूरबों का रब और दोनों पच्छिमों का रब [17]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अर-रहमान आयत 17 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अर-रहमान तफ़सीर - आयत 17

"दोनों पूरबों का रब और दोनों पच्छिमों का रब [17]!"


[17] दो पूरब और दो पच्छिम (मशरिक़ैन व मग़रिबैन)

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दो पूरब और दो पच्छिम से मुराद सूरज के तुलूअ व ग़ुरूब होने के मौसम-ए-गर्मी और मौसम-ए-सर्दी के इंतिहाई मुक़ामात हैं। सूरज अपने मुअय्यन दायरे और बुर्जों में गर्दिश करता है जो अल्लाह के मुकम्मल निज़ाम और रूबूबियत का सुबूत है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now