Transliteration: (Fabi ayyi aalaaa'i Rabbikumaa tukazzibaan)
"तो तुम दोनों अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि सूरज के तुलूअ व ग़ुरूब और मौसमों के बदलने में बेशुमार हिक्मतें और मख़लूक़ात की बक़ा का सामान पोशीदा है। इन सब नेमतों के बाद भी मुनकिर रहना इंतिहाई नाशुक्रापन है।
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