कुरान - 37:131 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

131
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ

Transliteration: (Innaa kazaalika najzil muhsineen)

बेशक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं [134]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 131 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 131

"बेशक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं [134]!"

[134] हज़रत इलयास और हज़रत ख़िज़्र की हयात

तफ़सीर रूहुल बयान में नक़ल है कि अल्लाह तआला ने हज़रत ख़िज़्र (अलैहिस्सलाम) को समुंदरों की और हज़रत इलयास (अलैहिस्सलाम) को ख़ुश्की (ज़मीन) की ख़िदमत सुपुर्द फ़रमाई है। अहले सुन्नत के मुताअद्दिद बुज़ुर्गों के मुताबिक़ वे दोनों हज़रात हयात हैं और क़ियामत के क़रीब वफ़ात पाएंगे। सालेहीन को उनकी ज़ियारत का शर्फ़ भी नसीब होता है।

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