कुरान - 37:150 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

150
أَمۡ خَلَقۡنَا ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةَ إِنَٰثٗا وَهُمۡ شَٰهِدُونَ

Transliteration: (Am khalaqnal malaaa'i kata inaasanw wa hum shaahidoon)

या हमने फ़रिश्तों को औरत बनाया था जबकि वे मौजूद देख रहे थे [154]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 150 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 150

"या हमने फ़रिश्तों को औरत बनाया था जबकि वे देख रहे थे [154]?"

[154] फ़रिश्तों की जिंस पर झूठा दावा

फ़रिश्ते न नर हैं न मादा, बल्कि अल्लाह के मुक़द्दस नूरी बंदे हैं। मुशरिक़ों से सवाल किया गया कि क्या तुमने फ़रिश्तों की तख़्लीक़ को अपनी आंखों से देखा था या किसी नबी की सनद तुम्हारे पास है? जब कोई दलील नहीं, तो यह सरीह बोहतान और कुफ़्र है।

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