Transliteration: (Fahum 'alaa aasaarihim yuhra'oon)
"तो वे भी उन्हीं के नक़्शे-क़दम पर दौड़े चले जा रहे थे [70]!"
काफ़िर हक़ की वाज़ेह दलीलों को ठुकरा कर अपने गुमराह बुज़ुर्गों के पीछे आंखें बंद करके भागे जा रहे थे। इससे मालूम हुआ कि गुमराहों और बदमज़हबों की सोहबत और पैरवी इंसान को हलाकत में डालती है, जबकि सालेहीन और सच्चे मोमिनों की पैरवी सिराते मुस्तक़ीम पर रखती है।
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