Transliteration: (Iz qaala lahum akhoohum Hoodun alaa tattaqoon)
"जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा, 'क्या तुम डरते नहीं [125]?'"
हज़रत हूद अलैहिस्सलाम उसी क़ौम के अज़ीम फ़र्द और बिरादरी के शरीफ़-तरीन इन्सान थे। आपने निहायत ख़ुलूस और शफ़क़त से अपनी क़ौम को झिंझोड़ा कि तुम पत्थरों की पूजा छोड़कर उस अल्लाह से क्यों नहीं डरते जिसने तुम्हें पैदा किया और बेपनाह ताक़त व नेमतें अता कीं?
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