कुरान - 26:124 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

124
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ هُودٌ أَلَا تَتَّقُونَ

Transliteration: (Iz qaala lahum akhoohum Hoodun alaa tattaqoon)

जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा, 'क्या तुम (अल्लाह से) डरते नहीं [125]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 124 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 124

"जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा, 'क्या तुम डरते नहीं [125]?'"

[125] हज़रत हूद अलैहिस्सलाम की ख़ुलूस-भरी दावत-ए-तक़वा

हज़रत हूद अलैहिस्सलाम उसी क़ौम के अज़ीम फ़र्द और बिरादरी के शरीफ़-तरीन इन्सान थे। आपने निहायत ख़ुलूस और शफ़क़त से अपनी क़ौम को झिंझोड़ा कि तुम पत्थरों की पूजा छोड़कर उस अल्लाह से क्यों नहीं डरते जिसने तुम्हें पैदा किया और बेपनाह ताक़त व नेमतें अता कीं?

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