कुरान - 26:142 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

142
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ صَٰلِحٌ أَلَا تَتَّقُونَ

Transliteration: (Iz qaala lahum akhoohum Saalihun alaa tattaqoon)

जब उनके भाई सालेह ने उनसे कहा, 'क्या तुम (अल्लाह से) डरते नहीं [142]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 142 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 142

"जब उनके भाई सालेह ने उनसे कहा, 'क्या तुम डरते नहीं [142]?'"

[142] हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम की बिरादराना नसीहत

हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम उन्हीं की क़ौम के अज़ीम और शफ़ीक़ पैग़म्बर थे। आपने फ़रमाया कि क्या तुम अल्लाह के अज़ाब से नहीं डरते कि बुतपरस्ती में मुब्तला हो और उसकी नेमतों की नाशुक्री करते हो?

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