Transliteration: (Kazzabat Samoodul mursaleen)
"क़ौमे समूद ने रसूलों को झुठलाया [141];"
क़ौम-ए-समूद हिजाज़ और शाम के दरमियान 'हिज्र' (मदाइन सालेह) के मुक़ाम पर आबाद थी। वे पहाड़ों को काटकर आलीशान मकानात बनाने में माहिर थे। जब हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम ने उन्हें तौहीद की दावत दी तो उन्होंने भी पिछली क़ौमों की तरह अपने नबी को झुठला दिया।
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