कुरान - 26:141 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

141
كَذَّبَتۡ ثَمُودُ ٱلۡمُرۡسَلِينَ

Transliteration: (Kazzabat Samoodul mursaleen)

क़ौमे समूद ने रसूलों को झुठलाया [141]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 141 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 141

"क़ौमे समूद ने रसूलों को झुठलाया [141];"

[141] क़ौम-ए-समूद की सरकशी और हज़रत सालेह की तकज़ीब

क़ौम-ए-समूद हिजाज़ और शाम के दरमियान 'हिज्र' (मदाइन सालेह) के मुक़ाम पर आबाद थी। वे पहाड़ों को काटकर आलीशान मकानात बनाने में माहिर थे। जब हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम ने उन्हें तौहीद की दावत दी तो उन्होंने भी पिछली क़ौमों की तरह अपने नबी को झुठला दिया।

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