कुरान - 26:161 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

161
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ لُوطٌ أَلَا تَتَّقُونَ

Transliteration: (Iz qaala lahum akhoohum Lootun alaa tattaqoon)

जब उनके भाई लूत [160] ने उनसे कहा, 'क्या तुम (अल्लाह से) डरते नहीं [161]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 161 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 161

"जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा, 'क्या तुम डरते नहीं [161]?'"

[160] हज़रत लूत अलैहिस्सलाम का मक़ाम-ए-क़राबत

हज़रत लूत अलैहिस्सलाम मुद्दतों से उन लोगों के दरमियान मुक़ीम थे और उनके सुख-दुख के शरीक थे, इसलिए बिरादराना शफ़क़त के साथ उनसे मुख़ातब हुए।

[161] तक़वा और पाकीज़गी की दावत

आपने फ़रमाया कि तुम उस मालिक-ए-हक़ीक़ी से क्यों नहीं डरते जिसने तुम्हें ज़िन्दगी बख़्शी? अपनी बदकारी और बेहयाई छोड़कर पाकीज़गी और तक़वा इख़्तियार करो।

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