कुरान - 26:159 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

159
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ

Transliteration: (Wa inna Rabbaka la Huwal 'Azeezur Raheem (section 8))

और बेशक आपका रब ही ज़बरदस्त ग़ालिब है, निहायत रहम फ़रमाने वाला है [159]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 159 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 159

"और बेशक आपका रब ही ज़बरदस्त ग़ालिब है, निहायत रहम फ़रमाने वाला है [159]।"

[159] क़ुदरत और रहमत का मुज़ाहरा

अल्लाह तआला 'अज़ीज़' है कि जिसने पहाड़ों में क़िले बनाने वाली मगरूर क़ौम को एक झटके में नेस्त व नाबूद कर दिया, और 'रहीम' है कि हज़रत सालेह और अहले-ईमान को महफ़ूज़ फ़रमा कर शाम की सरज़मीन की तरफ़ सलामती से पहुंचा दिया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now