कुरान - 26:170 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

170
فَنَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥٓ أَجۡمَعِينَ

Transliteration: (Fanajjainaahu wa ahlahooo ajma'een)

चुनांचे हमने उन्हें और उनके तमाम घर वालों को नजात दे दी [170]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 170 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 170

"चुनांचे हमने उन्हें और उनके तमाम घर वालों को नजात दे दी [170];"

[170] बारगाह-ए-इलाही से दुआ की क़बूलियत और नजात

अल्लाह तआला ने अपने नबी की दुआ क़बूल फ़रमाई और फ़रिश्तों (हज़रत जिब्रील वगैरह) को हुक्म दिया कि हज़रत लूत और उनके मोमिन साथियों को रात के पिछले पहर बा-हिफ़ाज़त शहर से बाहर निकाल ले जाएं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now