कुरान - 26:169 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

169
رَبِّ نَجِّنِي وَأَهۡلِي مِمَّا يَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Rabbi najjjinee wa ahlee mimmmaa ya'maloon)

ऐ मेरे रब! मुझे और मेरे घर वालों को उस (अज़ाब और वबाल) से बचा ले जो ये करते हैं [169]!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 169 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 169

"ऐ मेरे रब! मुझे और मेरे घर वालों को उस वबाल से बचा ले जो ये करते हैं [169]!'"

[169] गुनाह की नहूसत और अज़ाब से पनाह की दुआ

हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने बारगाह-ए-इलाही में इल्तिजा की कि मौला! इस क़ौम की बेहयाई पर जो हौलनाक अज़ाब नाज़िल होने वाला है, उससे मुझे और मेरे अहलो-अयाल और साथी मोमिनों को अपनी हिफ़ाज़त में महफ़ूज़ फ़रमा ले।

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