कुरान - 26:167 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

167
قَالُواْ لَئِن لَّمۡ تَنتَهِ يَٰلُوطُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُخۡرَجِينَ

Transliteration: (Qaloo la'il lam tantahi yaa Lootu latakoonanna minal mukhrajeen)

वे बोले, 'ऐ लूत! अगर तुम बाज़ न आए, तो तुम ज़रूर (शहर से) निकाल बाहर किए जाने वालों में से हो जाओगे [167]!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 167 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 167

"वे बोले, 'ऐ लूत! अगर तुम बाज़ न आए, तो तुम ज़रूर निकाल बाहर किए जाने वालों में से हो जाओगे [167]!'"

[167] पाकीज़गी के ख़िलाफ़ बदकारों की धमकियां

जब बदकार कौ़म को हज़रत लूत की पाकीज़ा नसीहतें चुभने लगीं तो वे कहने लगे कि 'इन पाकीज़ा लोगों को अपनी बस्ती से निकाल दो क्योंकि ये बड़े पाकबाज़ बनते हैं।' उन्होंने हज़रत लूत को शहर-बदर करने और बस्ती से निकालने की धमकी दी।

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