कुरान - 26:165 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

165
أَتَأۡتُونَ ٱلذُّكۡرَانَ مِنَ ٱلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Ataatoonaz zukraana minal 'aalameen)

क्या तुम तमाम जहान वालों में से मर्दों के पास (शहवत से) जाते हो [165]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 165 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 165

"क्या तुम तमाम जहान वालों में से मर्दों के पास जाते हो [165]?"

[165] क़ौम-ए-लूत की ग़ैर-फ़ितरी और घिनौनी बदकारी

क़ौम-ए-लूत ने तारीख़-ए-इंसानियत में पहली बार 'अमरद-परस्ती' और हमजिंस-परस्ती (लवात़त) की वह घिनौनी और नापाक रस्म ईजाद की थी जो जानवरों में भी नहीं पाई जाती। हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने उनके इस ग़ैर-फ़ितरी और शर्मनाक जुर्म पर सख़्त मलामत फ़रमाई।

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