Transliteration: (Wa maaa as'alukum 'alaihi min ajrin in ajriya illaa 'alaa Rabbil 'aalameen)
"और मैं इस पर तुमसे कोई उजरत नहीं मांगता [163]; मेरा अजर तो बस तमाम जहानों के रब के ज़िम्मे है [164];"
हज़रत लूत ने साफ़ फ़रमा दिया कि मैं अपनी इस ख़ैरख़्वाही और नसीहत के बदले तुमसे कोई दुनियावी फ़ायदा या माल तलब नहीं करता।
मेरा अज्र व सवाब सिर्फ़ तमाम कायनात के रब के ज़िम्मे है जो ख़ुलूस और नेकी की पूरी क़द्र फ़रमाने वाला है।
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