Transliteration: (Nazala bihir Roohul Ameen)
"इसे अमानतदार रूह लेकर उतरे हैं [192];"
'रूहुल अमीन' से मुराद हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम हैं। आपको 'रूह' इसलिए फ़रमाया गया कि आप रूहानी मख़लूक़ (फ़रिश्ते) हैं और वह्य लेकर आते हैं जो दिलों की ज़िन्दगी है। और 'अमीन' इसलिए फ़रमाया कि आप वह्य-ए-इलाही पहुंचाने में निहायत अमानतदार हैं, इसमें किसी क़िस्म के तग़य्युर व तबद्दुल का कोई इमकान नहीं।
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