कुरान - 26:193 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

193
نَزَلَ بِهِ ٱلرُّوحُ ٱلۡأَمِينُ

Transliteration: (Nazala bihir Roohul Ameen)

इसे अमानतदार रूह (हज़रत जिब्रील) [192] लेकर उतरे हैं; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 193 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 193

"इसे अमानतदार रूह लेकर उतरे हैं [192];"

[192] 'रूहुल अमीन' (हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम)

'रूहुल अमीन' से मुराद हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम हैं। आपको 'रूह' इसलिए फ़रमाया गया कि आप रूहानी मख़लूक़ (फ़रिश्ते) हैं और वह्य लेकर आते हैं जो दिलों की ज़िन्दगी है। और 'अमीन' इसलिए फ़रमाया कि आप वह्य-ए-इलाही पहुंचाने में निहायत अमानतदार हैं, इसमें किसी क़िस्म के तग़य्युर व तबद्दुल का कोई इमकान नहीं।

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