कुरान - 26:192 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

192
وَإِنَّهُۥ لَتَنزِيلُ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Wa innahoo latanzeelu Rabbil 'aalameen)

और बेशक यह (क़ुरआन) तमाम जहानों के रब का नाज़िल फ़रमाया हुआ है [191]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 192 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 192

"और बेशक यह तमाम जहानों के रब का नाज़िल फ़रमाया हुआ है [191];"

[191] तंज़ील-ए-क़ुरआन: रब्बुल आलमीन का अज़ीमुश्शान कलाम

क़ुरआन मजीद किसी इंसान या जिन्नात का कलाम नहीं, बल्कि तमाम कायनात के ख़ालिक़ व मालिक अल्लाह तआला का नाज़िल कर्दा कलाम है जिसे तेईस (23) साल के अरसे में हिकमत व मस्लेहत के मुताबिक़ थोड़ा-थोड़ा करके नाज़िल फ़रमाया गया ताकि दिलों में रस-बस जाए।

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