Transliteration: (Wa innahoo lafee Zuburil awwaleen)
"और बेशक इसका ज़िक्र पिछली आसमानी किताबों में मौजूद है [195]।"
हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की नबूवत, आपकी पाकीज़ा सिफ़ात और क़ुरआन-ए-पाक की आमद की बशारतें पिछली तमाम आसमानी किताबों—तौरेत, इंजील, ज़बूर और दीगर सहीफ़ों में साफ़-साफ़ बयान फ़रमाई गई थीं। अहले-किताब के सच्चे अहले-इल्म इसे ब-ख़ूबी जानते थे।
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