कुरान - 26:196 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

196
وَإِنَّهُۥ لَفِي زُبُرِ ٱلۡأَوَّلِينَ

Transliteration: (Wa innahoo lafee Zuburil awwaleen)

और बेशक इसका ज़िक्र पहले के लोगों की आसमानी किताबों (ज़ुबुरिल अव्वलीन) में भी मौजूद है [195]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 196 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 196

"और बेशक इसका ज़िक्र पिछली आसमानी किताबों में मौजूद है [195]।"

[196] तौरेत व इंजील में हुज़ूर ﷺ और क़ुरआन की बशारतें

हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की नबूवत, आपकी पाकीज़ा सिफ़ात और क़ुरआन-ए-पाक की आमद की बशारतें पिछली तमाम आसमानी किताबों—तौरेत, इंजील, ज़बूर और दीगर सहीफ़ों में साफ़-साफ़ बयान फ़रमाई गई थीं। अहले-किताब के सच्चे अहले-इल्म इसे ब-ख़ूबी जानते थे।

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