कुरान - 26:36 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
قَالُوٓاْ أَرۡجِهۡ وَأَخَاهُ وَٱبۡعَثۡ فِي ٱلۡمَدَآئِنِ حَٰشِرِينَ

Transliteration: (Qaalooo arjih wa akhaahu wab'as filmadaaa'ini haashireen)

उन्होंने कहा, 'आप इन्हें और इनके भाई को कुछ मोहलत दीजिए और शहरों में हरकारे (लोग इकट्ठा करने वाले) भेज दीजिए [44]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 36

"उन्होंने कहा, 'इन्हें और इनके भाई को मोहलत दीजिए और शहरों में हरकारे भेज दीजिए [44];"

[44] दरबारियों का मुक़ाबले का मशवरा

दरबारियों ने फ़िरऔन को मशवरा दिया कि अभी मूसा और हारून को सज़ा देने में जल्दी न करें बल्कि इन्हें कुछ दिन रोक कर रखें, और सल्तनत के तमाम शहरों में सरकारी हरकारे (हाशिरीन) भेजें जो पूरे मिस्र के बड़े-बड़े जादूगरों को राजधानी में इकट्ठा करें।

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